राष्ट्र की एकता अखण्डता और हिंदू धर्म को बचाने में भगवान श्रीचंद्र ने अहम भूमिका निभायी: मुखिया महंत भगतराम महाराज

कमल शर्मा (हरिहर समाचार)

हरिद्वार।आचार्य जगद्गुरू भगवान श्री श्री चन्द्राचार्य का 531वां जयंती महोत्सव श्री पंचायती अखाडा नया उदासीन निर्वाण के श्रीमहंतों के संयोजन व सभी संत महापुरूषों के सानिध्य में धूमधाम व उत्साह से मनाया गया। संत समागम में उपस्थित श्रद्धालु भक्तों को संबोधन के दौरान मुखिया महंत भगतराम महाराज ने सभी को श्रीचंद्र जयंती की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि उदासीनाचार्य भगवान श्रीचंद्र साक्षात भगवान शिव के अवतार थे। भगवान श्रीचंद्र ने सनातन हिंदू धर्म के उत्थान के लिए तत्कालीन समाज में व्याप्त मत मतांतरों को समाप्त कर समाज को एकता के सूत्र में बांधा।

मुखिया महंत भगतराम महाराज ने कहा कि राष्ट्र की एकता अखण्डता और हिंदू धर्म को बचाने में भगवान श्रीचंद ने अहम भूमिका निभायी। भगवान श्रीचंद्र की शिक्षाएं सदैव प्रासंगिक रहेंगी। सभी को उनके दिखाए मार्ग पर चलते हुए सनातन हिंदू धर्म के उत्थान एवं मानव कल्याण के लिए प्रयत्नशील रहना चाहिए।महामंडलेश्वर स्वामी हरिचेतनानंद महाराज ने कहा कि सदैव परमार्थ के लिए प्रत्यनशील रहने वाले संत महापुरूष का जीवन समाज को प्रेरणा देता है। भगवान श्रीचंद्र ने समाज को धर्म और अध्यात्म का ज्ञान देकर कल्याण का मार्ग प्रशस्त किया। संत महापुरूष समस्त समाज के लिए वंदनीय और पूज्यनीय हैं। सभी को संत महापुरूषों के दिखाए मार्ग का अनुसरण करना चाहिए।

उन्होंने कहा कि जगतगुरू भगवान श्रीचंद्र सब के आराध्य हैं। उनके बताए मार्ग पर चलना ही हमारे जीवन का उद्देश्य है।उनके उपदेश और शिक्षाओं का अनुसरण करते हुए सभी अखाड़े धर्म संस्कृति के संरक्षण संवर्द्धन में अपना योगदान दे रहे हैं।श्री पंचायती अखाड़ा महानिर्वाणी के सचिव श्रीमहंत रविंद्रपुरी महाराज ने कहा कि समस्त समाज के लिए वंदनीय भगवान श्रीचंद्र ने समाज में ज्ञान का प्रकाश कर अंधकार रूपी अज्ञान को दूर किया। सभी को भगवान श्रीचंद्र की जयंती के अवसर अवसर पर उनके दिखाए मार्ग पर चलने का संकल्प लेना चाहिए। वहीं महंत धूनी दास महाराज ने कहा कि अखाड़ा परंपरा सनातन धर्म संस्कृति की संवाहक है।अखाड़ों के नेतृत्व में संत समाज ने प्रत्येक परिस्थिति में आगे बढ़कर धर्म रक्षा के अपने दायित्व को निभाया है।उन्होंने कहा कि भगवान श्रीचंद्र ने समाज को अध्यात्म और भक्ति का मार्ग दिखाया। भगवान श्रीचंद्र स्थापित आदर्शो को आत्मसात कर संत समाज विभिन्न सेवा प्रकल्पों के माध्यम से मानव कल्याण में अहम योगदान कर रहा है।


आपको बताते चलें कि उदासीनाचार्य भगवान श्रीचंद्र की 531वीं जयंती के अवसर पर कनखल पहाड़ी बाजार स्थित श्री पंचायती अखाड़ा नया उदासीन में भगवान श्री चंद्र के विग्रह का भव्य श्रृंगार किया गया और धर्म ध्वजा फहरायी गयी। मुखिया महंत भगतराम के संयोजन में अखाड़ों के संतों ने हवन यज्ञ व आरती कर भोग लगाया और मानव कल्याण के लिए अरदास की।इस अवसर पर महामंडलेश्वर स्वामी हरिचेतनानंद, महंत रूपेंद्र प्रकाश, स्वामी संतोषानंद, महंत राघवेंद्र दास, महंत गोविन्द दास, महंत जयेंद्र मुनि, महंत प्रेमदास, महंत मुरली दास, हठयोगी, श्रीमहंत धुनी दास, स्वामी रविदेव शास्त्री,स्वामी राम मुनि, महंत मुरली दास, महंत मंगलदास, श्रीमहंत रामरतन गिरी, महंत गंगादास उदासीन, स्वामी विजय महाराज शिवालिक नगर पालिका अध्यक्ष राजीव शर्मा,पूर्व भाजपा जिला अध्यक्ष संदीप गोयल,गुरुकुल कांगड़ी विश्वविद्यालय के कुलपति प्रभात सेंगर, पूर्व सभासद नितिन माना, शैलेश पटेल सहित अनेक भक्त मौजूद रहे।

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