जन्माष्टमी कृष्ण के जीवन, शिक्षाओं और दिव्य लीलाओं का सम्मान करने के लिए मनाते हैं:स्वामी बल्लभानन्द पुरी जी महाराज

हरिद्वार, सप्त ऋषि स्थित श्री उत्कल आश्रम के प्रबन्धक स्वामी बल्लभानन्द पुरी जी महाराज ने स्वतंत्रता दिवस और जन्माष्टमी के पावन पर्व के विषय में बताते हुए कहा कि स्वतंत्रता दिवस हमें ब्रिटिश शासन के 200 वर्षों के बाद मिली आजादी और उन शहीदों की याद दिलाता है जिन्होंने देश की खातिर अपना बलिदान दे दिया। 15 अगस्त के दिन भारत के लोग खुशी-खुशी आजादी का जश्न मनाते हैं। यह दिन आपकी मातृभूमि के प्रति आपके प्यार और गौरव को दर्शाता है।

जन्माष्टमी के पावन पर्व पर बोलते हुए महाराज श्री ने कहा कि जन्माष्टमी भगवान विष्णु के आठवें अवतार, भगवान कृष्ण के जन्म का प्रतीक है। यह अधर्म पर धर्म की विजय का प्रतीक है। भक्त इस दिन कृष्ण के जीवन, शिक्षाओं और दिव्य लीलाओं का सम्मान करने के लिए मनाते हैं। जन्माष्टमी पर भगवान श्रीकृष्ण के बाल स्वरूप की विशेष पूजा-अर्चना की जाती है. इस दिन वृंदावन में अद्भुत रौनक देखने को मिलती है. देश के कोने-कोने से श्रद्धालु यहां पहुंचकर इस उत्सव को देखते हैं. श्रीकृष्ण केवल भगवान ही नहीं, बल्कि सम्पूर्ण जीवन दर्शन का प्रतीक हैं.

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