कमल शर्मा (हरिहर समाचार)
हरिद्वार 23-24 फरवरी को निष्काम सेवा ट्रस्ट के तत्वाधान में दो दिवसीय ‘आयुरात्मा’ कार्यशाला का सफल आयोजन किया गया। इस अवसर पर मंत्री देशराज कर्डवाल ने कहा कि यह आयुर्वेद, योग और प्राकृतिक चिकित्सा पर आधारित एक विश्वस्तरीय सम्मेलन है, जिसका मुख्य विषय ‘पारंपरिक चिकित्सा के माध्यम से आधुनिक जीवन को बदलना’ रहा। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इस प्रकार के आयोजन भविष्य में भी निरंतर होते रहेंगे और समाज को स्वस्थ जीवनशैली की ओर प्रेरित करेंगे।
कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि आयुर्वेद केवल उपचार पद्धति नहीं, बल्कि संपूर्ण जीवन दर्शन है, जो शरीर, मन और आत्मा के संतुलन पर आधारित है। कार्यशाला में विशेषज्ञों द्वारा आयुर्वेदिक आहार-विहार, दोष संतुलन, योगाभ्यास और प्राकृतिक चिकित्सा के व्यावहारिक उपायों की विस्तृत जानकारी दी गई।
इस अवसर पर श्री मनु तोमर ने अपने संबोधन में कहा कि आयुर्वेदिक कार्यशालाएं प्राचीन भारतीय चिकित्सा पद्धति के माध्यम से स्वास्थ्य, पोषण, दोष संतुलन और जीवनशैली में सुधार के व्यावहारिक तरीके सिखाती हैं। उन्होंने कहा कि आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में ऐसी पहल अत्यंत आवश्यक है, जो लोगों को प्राकृतिक और संतुलित जीवन की ओर अग्रसर करे।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में आयुर्वेद प्रेमी, योग साधक और स्वास्थ्य विशेषज्ञ उपस्थित रहे। दो दिवसीय इस कार्यशाला ने प्रतिभागियों को स्वस्थ, संतुलित और सकारात्मक जीवन जीने की नई दिशा प्रदान की।
