हरिद्वार, कमल शर्मा/8मार्च 2926
पवित्र नगरी हरिद्वार के श्रीगोविन्द घाट पर 8 से 14 मार्च 2026 तक आयोजित होने वाले सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा महोत्सव का आज विधिवत शुभारंभ हुआ। कथा के प्रारंभ होते ही पूरे क्षेत्र में भक्ति और आध्यात्मिकता का वातावरण बन गया। श्रद्धालुओं की बड़ी संख्या ने पहुंचकर कथा श्रवण किया और भगवान श्रीकृष्ण की भक्ति में सराबोर हो गए।

इस अवसर पर कथाव्यास श्री भक्तिवेदांत सिद्धान्ती महाराज ने अपने प्रवचनों में कहा कि श्रीमद्भागवत कथा केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं बल्कि मानव जीवन को सत्य, धर्म और भक्ति के मार्ग पर चलाने का माध्यम है। उन्होंने कहा कि भागवत कथा का श्रवण करने से मनुष्य के जीवन के दुख दूर होते हैं और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।

कथा के दौरान महाराज श्री ने भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं का सुंदर वर्णन करते हुए कहा कि श्रीमद्भागवत हमें प्रेम, करुणा और मानवता का संदेश देती है। कथा सुनने से मन को शांति और आत्मा को सच्चा सुख प्राप्त होता है।

कार्यक्रम के मुख्य आयोजक विशाल गुप्ता एवं आयोजक संस्था प्राइड इलाइट ने बताया कि सात दिवसीय इस कथा महोत्सव में प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु कथा श्रवण के लिए पहुंच रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस आयोजन का उद्देश्य समाज में धार्मिक और सांस्कृतिक मूल्यों को बढ़ावा देना तथा लोगों को आध्यात्मिकता से जोड़ना है।
प्राइड एलिट के स्वामी श्री अशोक गोगिया ने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन समाज में आध्यात्मिक जागरण और सद्भावना का संदेश देने के लिए किया गया है। ऐसे धार्मिक आयोजन लोगों को आपसी प्रेम और भाईचारे की भावना से जोड़ते हैं।

सुमित सचदेवा ने कहा कि भागवत कथा का श्रवण करने से जीवन में सकारात्मकता आती है और व्यक्ति को धर्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा मिलती है। उन्होंने श्रद्धालुओं से कथा में अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर पुण्य लाभ लेने की अपील की।
सुरेंद्र बंसल ने कहा कि हरिद्वार की पवित्र भूमि पर इस प्रकार के धार्मिक आयोजनों से पूरे क्षेत्र में भक्ति का वातावरण बनता है और समाज को आध्यात्मिक ऊर्जा मिलती है।
वहीं राजेंद्र गोगिया ने कहा कि सात दिनों तक चलने वाली इस कथा में भजन-कीर्तन, धार्मिक अनुष्ठान और प्रसाद वितरण का भी आयोजन किया जा रहा है, जिससे श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक आनंद की अनुभूति हो रही है।

कथा महोत्सव के दौरान प्रतिदिन भजन-कीर्तन, धार्मिक अनुष्ठान और प्रसाद वितरण का भी आयोजन किया जा रहा है। आयोजन समिति ने सभी श्रद्धालुओं से अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर कथा श्रवण कर पुण्य लाभ प्राप्त करने की अपील की है।
