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17 फरवरी 2026, मंगलवार आज मछला कुंड स्थित टीले पर श्री गंगादास उदासीन महाराज के आश्रम में अमावस्या के उपलक्ष मे विशाल भंडारे का आयोजन किया गया इस अवसर पर बोलते हुए महाराज श्री गंगादास जी ने बताया कि मंगलवार के दिन पड़ने के कारण इसे भौमवती अमावस्या कहा जा रहा है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार यह तिथि विशेष रूप से पितृ दोष शांति, कर्ज मुक्ति और कालसर्प दोष निवारण के लिए अत्यंत फलदायी मानी जाती है।
🔱 पितृ तर्पण और स्नान का महत्व
इस दिन प्रातःकाल गंगा, यमुना या किसी भी पवित्र नदी में स्नान कर पितरों के लिए तर्पण, श्राद्ध एवं दान करने का विशेष महत्व है। मान्यता है कि इस दिन विधि-विधान से पितरों का स्मरण करने पर पितृ दोष से मुक्ति मिलती है और परिवार में सुख-समृद्धि का वास होता है।
🪔 करें ये विशेष उपाय
पीपल वृक्ष के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाएं।
हनुमान जी को सिंदूर और चमेली का तेल अर्पित करें।
गरीबों को अन्न, वस्त्र और दक्षिणा का दान दें।
कर्ज से मुक्ति के लिए हनुमान चालीसा और मंगल स्तोत्र का पाठ करें।
🔔 ज्योतिषीय दृष्टि से विशेष संयोग
मंगलवार को अमावस्या पड़ना दुर्लभ और शुभ संयोग माना जाता है। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार इस दिन किए गए उपाय शीघ्र फल देते हैं और जीवन की बाधाएं दूर होती हैं।
धर्माचार्यों का कहना है कि श्रद्धा और विश्वास के साथ किए गए जप, तप और दान से न केवल पितरों की कृपा प्राप्त होती है, बल्कि जीवन में सकारात्मक ऊर्जा और उन्नति के मार्ग भी प्रशस्त होते हैं।
➡️ अतः 17 फरवरी 2026 की भौमवती फाल्गुन अमावस्या पर श्रद्धालु स्नान, दान और पूजा-अर्चना कर पुण्य लाभ प्राप्त करें।
भौमवती फाल्गुन अमावस्या पितृ दोष, कर्ज मुक्ति और कालसर्प दोष निवारण का शुभ संयोग: श्री गंगा दास जी महाराज
