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हरिद्वार। उत्तराखंड उच्च न्यायालय नैनीताल के आदेश के बाद अजीतपुर गाँव में स्थित 10 नंबर तालाब और उससे जुड़े रास्ते की भूमि की पैमाइश के लिए राजस्व विभाग की टीम मौके पर पहुंची। नायब तहसीलदार मदन लाल के नेतृत्व में राजस्व टीम ने तालाब और आसपास के क्षेत्र की नाप कर स्थिति का जायजा लिया।
बताया जा रहा है कि पिछले कई वर्षों से अजीतपुर गाँव के तालाब में अतिक्रमण को लेकर ग्रामीणों में असंतोष बना हुआ था और ग्राम प्रधान पर भी सवाल उठ रहे थे। इसके बाद ग्राम प्रधान प्रखर कश्यप ने इस मामले को हरिद्वार जिला प्रशासन के संज्ञान में डाला, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने पर मामला उत्तराखंड उच्च न्यायालय में याचिका के माध्यम से पहुंचा।

हाईकोर्ट के आदेश के बाद अब राजस्व विभाग की टीम ने अजीतपुर में तालाब और उससे जुड़े रास्ते की भूमि की पैमाइश शुरू कर दी है। कानूगो बिजेंद्र गिरी ने बताया कि हरिद्वार तहसीलदार की ओर से तालाब और रास्ते की भूमि की नाप के आदेश मिले हैं, जिसके तहत राजस्व विभाग की टीम ग्राम प्रधान की उपस्थिति में यह कार्रवाई कर रही है।
ग्राम प्रधान प्रखर कश्यप ने बताया कि गांव में होने वाली खुली बैठकों में कश्यप समाज के लोग अक्सर तालाब की भूमि पर मत्स्य पालन शुरू करने की बात रखते रहे हैं। वहीं उत्तराखंड में धामी सरकार भी स्पष्ट कर चुकी है कि राज्य में सरकारी भूमि पर किसी भी प्रकार का अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
इस दौरान पटवारी हरविंदर सिंह के अलावा राहुल सिंह, हरेंद्र रावत, कुलदीप चौहान, संजू कश्यप, पारुल उपाध्याय, सोम चौहान, सुरेंद्र कुमार, मा० सुनील चौहान, नीतीश कश्यप सहित कई ग्रामीण मौजूद रहे।
