कमल शर्मा (हरिहर समाचार)
हरिद्वार। आगामी 28 दिसंबर को हरिद्वार में गोर्खाली महिला कल्याण समिति की ओर से वनभोज एवं सांस्कृतिक महोत्सव का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन हरिद्वार के बैरागी कैंप क्षेत्र में किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में गोरखाली समाज के लोगों के शामिल हुए। यह आयोजन पतंजलि योगपीठ के महामंत्री आचार्य बालकृष्ण के सानिध्य में संपन्न हुआ। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि नई दिल्ली से विष्णु प्रसाद बराल ने इस अवसर पर बोलते हुए कहा कि यह सिर्फ़ मनोरंजन नहीं, बल्कि धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं से जुड़ा है; प्राचीन काल में ऋषि-मुनि भी ध्यान और सामूहिक भोजन के लिए वन में जाते थे, यह सामाजिक सद्भाव को भी बढ़ाता है. कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि सुभाष घाट व्यापार मंडल के अध्यक्ष राजू वधावन ने इस अवसर पर बोलते हुए कहा कि नेपाली वनभोज एक जीवंत कार्यक्रम है जो भोजन, प्रकृति, संगीत और सामुदायिक भावना को एक साथ लाता है, जिससे लोगों को अपनी विरासत और दोस्तों व परिवार के साथ जुड़ने का अवसर मिलता है. इस अवसर पर गिरवरनाथ जनकल्याण ट्रस्ट के अध्यक्ष श्री कमल खड़का ने बोलते हुए कहा कि वनभोज कार्यक्रम के माध्यम से लोग साथ मिलकर खाना पकाते हैं, खाते हैं, नाचते-गाते हैं और तरह-तरह के खेल खेलते हैं, जिससे सामाजिक जुड़ाव बढ़ता है.l
आयोजन का मुख्य उद्देश्य स्थानीय समुदाय को एक मंच पर एकत्रित कर पर्यावरण संरक्षण, सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक विरासत को बढ़ावा देना है। वनभोज के दौरान महिलाओं द्वारा पारंपरिक गोरखाली व्यंजन तैयार किए गए। इसके साथ ही सांस्कृतिक महोत्सव में पारंपरिक नृत्य, गीत और लोक प्रस्तुतियां आकर्षण का केंद्र रही, जिनके माध्यम से गोरखली समाज की समृद्ध संस्कृति को प्रदर्शित किया गया। कार्यक्रम को लेकर गोरखाली महिला कल्याण समिति की अध्यक्ष पद्मा पांडे ने बताया कि समिति लंबे समय से सामाजिक, सांस्कृतिक और पारिवारिक मूल्यों को सुदृढ़ करने के लिए कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि इस तरह के आयोजन समाज को जोड़ने, आपसी भाईचारे को मजबूत करने और नई पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। पद्मा पांडे ने कहा कि वनभोज एवं सांस्कृतिक महोत्सव के माध्यम से पर्यावरण के प्रति जागरूकता और सामूहिक सहभागिता का संदेश भी समाज में जाता है l
इस अवसर पर गोरखाली समाज के लोगों ने कार्यक्रम में अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर आयोजन को सफल बनाया और सभी ने मिलकर नेपाली वनभोज का आनंद लिया l
