आज भारतीय जनता पार्टी जिला अध्यक्ष आशुतोष शर्मा के नेतृत्व में भाजपाइयों ने कांग्रेस के विरुद्ध काले झंडे लेकर प्रदर्शन किया।

4/10/26

भाजपा जिलाअध्यक्ष आशुतोष शर्मा ने बताया कि कांग्रेस का भूमि बचाओ अभियान भूमि संरक्षण की मुहिम नहीं, बल्कि अपनी डूबती राजनीतिक जमीन बचाने की छटपटाहट है। कांग्रेस को भूमि संरक्षण का राजनीतिक तमाशा करने के बजाय धामी सरकार की कब्जामुक्ति कार्रवाई का संज्ञान लेना चाहिए। सरकारी रणनीति के अनुसार प्रदेश में लगभग 13,000 एकड़ सरकारी जमीन अवैध कब्जों से मुक्त कराई गई है। 7,000 बीघा जमीन बेचने का आरोप कांग्रेस के भ्रामक राजनीतिक नैरेटिव का हिस्सा है। सरकार ने इस आरोप को गलत बताया है। उपलब्ध सरकारी जानकारी के अनुसार केवल तीन बोलियां प्राप्त हुई हैं और कोई बोली अंतिम रूप से तय नहीं हुई है। लीज और बिक्री के बीच के अंतर को जानबूझकर छिपाकर जनता में भय फैलाना कांग्रेस की गैर-जिम्मेदार राजनीति है। बड़े आंकड़े उछालने के बजाय कांग्रेस को अपने आरोपों के समर्थन में ठोस तथ्य पेश करने चाहिए।निवेश का विरोध करके कांग्रेस वास्तव में स्थानीय युवाओं और छोटे कारोबारियों के आर्थिक अवसरों पर प्रहार कर रही है। औद्योगिक एवं पर्यटन परियोजनाओं से मजदूरों, ठेकेदारों, टैक्सी संचालकों, होटल व्यवसायियों, दुकानदारों, किसानों और स्थानीय आपूर्तिकर्ताओं को काम मिलता है। निवेश का लाभ गांवों और स्थानीय परिवारों तक पहुंचता है। कांग्रेस को समझना होगा कि हर विकास परियोजना को विवाद में बदलना स्थानीय अर्थव्यवस्था को कमजोर करने जैसा है।
कांग्रेस अपने शासनकाल का विकास और रोजगार रिपोर्ट कार्ड सार्वजनिक करे।
हरीश रावत सरकार के कार्यकाल में कितनी बंद औद्योगिक इकाइयां दोबारा शुरू हुईं, कितने स्थानीय युवाओं को रोजगार मिला, कितनी अनुपयोगी जमीनों का सदुपयोग हुआ और कितनी पर्यटन परियोजनाओं से ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत हुई? धामी सरकार से हिसाब मांगने वाली कांग्रेस अपने कार्यकाल की उपलब्धियों का हिसाब देने से क्यों बच रही है? विपक्ष की जिम्मेदारी केवल आरोप लगाना नहीं, बल्कि अपना वैकल्पिक विकास मॉडल प्रस्तुत करना भी है।भूमि संरक्षण और विकास को आमने-सामने खड़ा करना कांग्रेस की राजनीतिक चाल है। भाजपा का दृष्टिकोण स्पष्ट है-सरकारी जमीन सुरक्षित रहे, स्थानीय लोगों के अधिकार संरक्षित रहें कांग्रेस का राजनीतिक अभियान चाहे जितना आक्रामक हो, उत्तराखंड का विकास रुकने वाला नहीं है। मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी की सरकार सरकारी जमीनों को अवैध कब्जों से मुक्त कराने, सख्त भू-कानून लागू रखने, स्थानीय हितों की रक्षा करने और अनुपयोगी जमीनों का प्रदेश की अर्थव्यवस्था के लिए इस्तेमाल करने के संकल्प के साथ आगे बढ़ रही है। कांग्रेस को नानीसार से धौलास तक अपने शासनकाल के विवादों का जवाब देना होगा। उत्तराखंड को राजनीतिक नारेबाजी नहीं, जमीन की सुरक्षा के साथ रोजगार, निवेश और विकास का स्पष्ट रोडमैप चाहिए। कांग्रेस अपनी राजनीतिक जमीन बचाने के लिए अभियान चलाती रहे, धामी सरकार प्रदेश के भविष्य को मजबूत करने के लिए काम करती रहेगी।
इस अवसर पर प्रदेश सह मीडिया प्रभारी विकास तिवारी, जिला महामंत्री हीरा बिष्ट , जिला उपाध्यक्ष लव शर्मा, नीपेंद्र चौधरी,नकली राम सैनी, अनुसूचित मोर्चा जिला अध्यक्ष तेलु राम प्रधान, अल्पसंख्यक मोर्चा अध्यक्ष एजाज हसन,सूर्यकांत सैनी,पंकज बागड़ी,अंशु कुमार,सूबे सिंह,रामसिंह पासवान,कुशलपाल,प्रवेश बिंदल,संदीप शर्मा,परवेज, संगीता प्रजापति,दीपक राज,अश्वनी पाल, अनिमेश शर्मा,राकेश नौडियाल, मोहसिन मंसूरी आदि उपस्थित रहे।

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