करवा चौथ पर महिला शिक्षिकाओं को मिली सौगात, प्रबंधक डॉ. अशोक शास्त्री ने दिया छुट्टी का तोहफा
महिलाओं की भावनाओं और भारतीय संस्कृति का सम्मान करना ही सच्ची संवेदनशीलता : डॉ. अशोक शास्त्री
हरिद्वार (कमल शर्मा)। धर्मनगरी हरिद्वार के कनखल स्थित जगजीतपुर स्थित महिला महाविद्यालय में करवा चौथ के पावन अवसर पर महिला शिक्षिकाओं को छुट्टी की सौगात देकर प्रबंधन ने उनके चेहरे पर मुस्कान ला दी। महाविद्यालय प्रबंधन के इस निर्णय को महिला शिक्षिकाओं की भावनाओं, पारिवारिक परंपराओं और भारतीय संस्कृति के प्रति सम्मान के रूप में देखा जा रहा है।
इस अवसर पर हमारी टीम से बातचीत करते हुए महाविद्यालय के प्रबंधक डॉ. अशोक शास्त्री ने बताया कि करवा चौथ भारतीय संस्कृति और पारिवारिक परंपराओं से जुड़ा एक महत्वपूर्ण पर्व है। यह पर्व पति-पत्नी के बीच प्रेम, विश्वास, समर्पण और आपसी रिश्तों की मजबूती का प्रतीक माना जाता है। इस दिन विवाहित महिलाएं अपने पति की लंबी आयु, अच्छे स्वास्थ्य और सुखी वैवाहिक जीवन की कामना करते हुए व्रत रखती हैं। महिलाएं पूरे दिन निर्जला व्रत रखकर शाम को चंद्रमा के दर्शन और पूजन के बाद व्रत का पारण करती हैं।
डॉ. अशोक शास्त्री ने कहा कि महिला शिक्षिकाएं शिक्षा के साथ-साथ अपने परिवार और सामाजिक जिम्मेदारियों का भी बखूबी निर्वहन करती हैं। ऐसे में त्योहारों पर उनकी भावनाओं का सम्मान करना और उन्हें परिवार के साथ पर्व मनाने का अवसर देना आवश्यक है। महाविद्यालय प्रबंधन का प्रयास है कि शिक्षिकाओं को बेहतर कार्य वातावरण देने के साथ-साथ उनकी सांस्कृतिक और पारिवारिक भावनाओं का भी सम्मान किया जाए।
उन्होंने कहा कि भारत की समृद्ध संस्कृति में त्योहार केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि परिवारों को जोड़ने, आपसी प्रेम बढ़ाने और सामाजिक संबंधों को मजबूत करने का माध्यम भी हैं। करवा चौथ जैसे पर्व भारतीय परंपराओं की सुंदरता और पारिवारिक एकता का संदेश देते हैं।
महिला महाविद्यालय प्रबंधन के इस निर्णय से महिला शिक्षिकाओं को अपने परिवार के साथ करवा चौथ का पर्व मनाने का अवसर मिलेगा। छुट्टी की यह सौगात महिला शिक्षिकाओं के प्रति सम्मान और संवेदनशीलता का संदेश देने के साथ-साथ कार्यस्थल पर सकारात्मक वातावरण बनाने की दिशा में भी एक सराहनीय पहल है।













