रात 2:30 बजे बछिया की आवाज सुनकर बाहर निकले परिजनों पर झपटा गुलदार, वन विभाग ने लगाया पिंजरा
चमरिया गांव क्षेत्र में गुलदार की लगातार बढ़ती गतिविधियों से ग्रामीणों में दहशत का माहौल बना हुआ है। गुलदार ने दो दिनों के भीतर दो अलग-अलग गौशालाओं में घुसकर दो बछियों को घायल कर दिया। इतना ही नहीं, बीती रात एक गौशाला में गुलदार ने ग्रामीणों पर भी हमला करने का प्रयास किया। गनीमत रही कि परिजन समय रहते घर के अंदर चले गए, जिससे उनकी जान बच गई।
जानकारी के अनुसार, 23 अक्टूबर को चमरिया गांव में रमेश डोबरियाल की गौशाला में गुलदार घुस गया और एक बछिया को घायल कर दिया। इसके अगले दिन, 24 अक्टूबर को अर्जुन सिंह की गौशाला में भी गुलदार ने हमला कर एक बछिया को घायल कर दिया। लगातार हो रही इन घटनाओं से पशुपालकों और ग्रामीणों में भय व्याप्त है।
बताया जा रहा है कि बीती रात करीब 2:30 बजे अर्जुन सिंह की गौशाला में गुलदार फिर घुस आया। गौशाला में बछिया के चिल्लाने की आवाज सुनकर घरवाले बाहर निकले और शोर मचाकर गुलदार को भगाने का प्रयास किया। इसी दौरान गुलदार ग्रामीणों की ओर दौड़ पड़ा। खतरे को भांपते हुए परिजन तुरंत घर के अंदर घुस गए, जिससे उनकी जान बच गई।
लगातार हो रही घटनाओं के बाद ग्रामीणों ने वन विभाग को सूचना दी। इसके बाद आज वन विभाग की ओर से गुलदार को पकड़ने के लिए पिंजरा लगाया गया है। हालांकि, गुलदार की लगातार मौजूदगी से ग्रामीणों में भय बना हुआ है।
गांव में लगातार गौशालाओं को निशाना बनाए जाने और ग्रामीणों की ओर दौड़ने की घटना ने चिंता बढ़ा दी है। ग्रामीणों को आशंका है कि यदि जल्द ही गुलदार को पकड़ने के प्रभावी प्रयास नहीं किए गए, तो कोई बड़ी अनहोनी हो सकती है। अब ग्रामीणों की निगाहें वन विभाग की कार्रवाई पर टिकी हैं।
रिपोर्ट गीता जोशी













