रवासन नदी पर झूला पुल निर्माण की मांग को कैबिनेट में उठाएंगी विधायक अनुपमा रावत

रवासन नदी पर झूला पुल निर्माण और भजन माताओं की आर्थिक सहायता का मुद्दा कैबिनेट में उठाएंगी विधायक अनुपमा रावत

पुल के अभाव में हो रही मौतों पर जताई चिंता, भजन माताओं का बकाया भुगतान और नवंबर से ₹5,000 मासिक सहायता देने की भी उठाएंगी मांग
हरिद्वार (कमल शर्मा)। लालढांग क्षेत्र की ग्राम पंचायत रसूलपुर मीठीबेरी सहित आसपास के ग्रामीणों की लंबे समय से चली आ रही रवासन नदी पर झूला पुल निर्माण की मांग को लेकर विधायक अनुपमा रावत ने कमर कस ली है। आज होने वाली मंत्रिमंडल की बैठक में विधायक इस गंभीर जनसमस्या को उठाते हुए पुल निर्माण की स्वीकृति प्रदान करने की मांग रखेंगी।
रवासन नदी पर पुल का अभाव क्षेत्र के ग्रामीणों के लिए बड़ी परेशानी बना हुआ है। नदी पार करने के दौरान होने वाली दुर्घटनाओं और लगातार सामने आ रही मौतों ने ग्रामीणों की चिंता बढ़ा दी है। पुल के अभाव में लोगों को जोखिम उठाकर आवागमन करना पड़ता है। ऐसे में झूला पुल का निर्माण केवल आवागमन की सुविधा का विषय नहीं, बल्कि ग्रामीणों की सुरक्षा और जीवन रक्षा से जुड़ा महत्वपूर्ण मुद्दा है।
विधायक अनुपमा रावत मंत्रिमंडल की बैठक में इस समस्या को प्रमुखता से उठाकर सरकार से पुल निर्माण की स्वीकृति देने की मांग करेंगी, ताकि क्षेत्र के ग्रामीणों को सुरक्षित आवागमन की सुविधा मिल सके और भविष्य में होने वाली दुखद घटनाओं पर अंकुश लगाया जा सके।
भोजन माताओं के आर्थिक अधिकारों का मुद्दा भी उठाएंगी
विधायक अनुपमा रावत बैठक में भजन माताओं की आर्थिक समस्याओं को भी उठाने की तैयारी में हैं। वह भजन माताओं की लंबित आर्थिक सहायता का बकाया भुगतान जल्द से जल्द कराने तथा नवंबर माह से उन्हें कम से कम 5,000 रुपये प्रतिमाह की आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की मांग रखेंगी।
रवासन नदी पर पुल निर्माण और भजन माताओं की आर्थिक सहायता से जुड़े ये दोनों मुद्दे आमजन की सुरक्षा, सामाजिक सरोकार और आर्थिक संबल से जुड़े हैं। अब क्षेत्रीय ग्रामीणों और संबंधित लाभार्थियों की निगाहें मंत्रिमंडल की बैठक पर टिकी हैं। ग्रामीणों को उम्मीद है कि उनकी लंबे समय से चली आ रही मांगों पर सरकार गंभीरता से विचार करते हुए सकारात्मक निर्णय लेगी।

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