“सरल व्यक्तित्व, विराट अनुभव और राष्ट्रसेवा का अद्भुत संगम हैं भगत सिंह कोश्यारी”: प्रकाश जोशी
देहरादून/हरिद्वार (कमल शर्मा)। उत्तराखण्ड के पूर्व मुख्यमंत्री, महाराष्ट्र के पूर्व राज्यपाल तथा हाल ही में पद्मभूषण सम्मान से अलंकृत हुए Bhagat Singh Koshyari से विगत दिवस देहरादून स्थित डिफेन्स कॉलोनी में उनके शिविर कार्यालय पर वरिष्ठ क्रिकेटर एवं समाजसेवी प्रकाश जोशी तथा पर्यावरण संरक्षण के लिए समर्पित संस्था जनचेतना के संस्थापक, राज्य आंदोलनकारी योगेश पांडे ने शिष्टाचार भेंट की। इस अवसर पर श्री सत्य साईं सेवा संगठन उत्तराखण्ड की ओर से श्री कोश्यारी को पद्मभूषण सम्मान प्राप्त होने पर भगवान शिव एवं स्वामी का सुंदर चित्र भेंट कर सम्मानित किया गया।
लगभग आधे घंटे तक चली आत्मीय मुलाकात के दौरान विभिन्न सामाजिक, सांस्कृतिक, आध्यात्मिक एवं समसामयिक विषयों पर सार्थक चर्चा हुई।
इस अवसर पर उत्तराखण्ड के वरिष्ठ क्रिकेटर, पूर्व क्रिकेट कोच एवं उत्तर प्रदेश सिविल सर्विसेज क्रिकेट प्रतियोगिता में उत्तराखण्ड का प्रतिनिधित्व कर चुके प्रकाश जोशी ने कहा कि श्री भगत सिंह कोश्यारी का व्यक्तित्व अत्यंत प्रेरणादायी है। उन्होंने कहा कि एक कुशल राजनीतिज्ञ, प्रखर वक्ता एवं अनेक भाषाओं के ज्ञाता होने के बावजूद कोश्यारी जी का व्यवहार अत्यंत सहज और सरल है।
प्रकाश जोशी ने बताया कि “भगत सिंह कोश्यारी जी से मिलना सदैव प्रेरणा देने वाला अनुभव रहता है। उनकी सादगी, दूरदर्शिता और जटिल विषयों को भी सरलता से समझाने की क्षमता उन्हें विशिष्ट बनाती है। पद्मभूषण सम्मान उनके दशकों के जनसेवा और राष्ट्रनिर्माण में योगदान का सम्मान है। उनसे हुई आत्मीय वार्ता ने हमें नई ऊर्जा और सकारात्मक सोच प्रदान की है।”
आगे बताते हुए उन्होंने स्मरण कराया कि उन्हें पूर्व में उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री एवं राज्यपाल द्वारा खेल, सामाजिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान के लिए सम्मानित किया जा चुका है l
महाराष्ट्र के राज्यपाल रहते हुए भी भगत सिंह कोश्यारी द्वारा हरिद्वार में आयोजित कार्यक्रम में महामण्डलेश्वर स्वामी हरिचेतनानन्द जी महाराज के हरिपुर कला स्थित आश्रम में आयोजित एक भव्य कार्यक्रम के दौरान अन्य विशिष्ट विभूतियों के साथ प्रकाश जोशी को भी अंगवस्त्र, रुद्राक्ष माला एवं प्रतीक चिन्ह भेंटकर सम्मानित किया गया था l श्री जोशी ने बताया कि वह क्षण उनके लिए अविस्मरणीय रहेगा…
भगत सिंह कोश्यारी ने कहा कि”उत्तराखण्ड की पहचान उसकी संस्कृति, सेवा भावना और समाज के प्रति समर्पण में निहित है। समाज के विभिन्न क्षेत्रों में निस्वार्थ भाव से कार्य कर रहे लोगों का योगदान ही राज्य और राष्ट्र को आगे बढ़ाने का कार्य करता है। युवा पीढ़ी को भी सेवा, संस्कार और राष्ट्रहित को सर्वोच्च प्राथमिकता देनी चाहिए।”
मुलाकात के दौरान दोनों पक्षों ने समाजहित, पर्यावरण संरक्षण, आध्यात्मिक जागरूकता तथा उत्तराखण्ड के समग्र विकास से जुड़े विषयों पर विचार-विमर्श किया। कार्यक्रम सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ।










