हरिद्वार कनखल स्थित श्री जयदेव योग आश्रम, संत कृपालु विहार में गुरुवार को आयोजित वार्षिकोत्सव एवं विशाल भंडारा कार्यक्रम श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक उल्लास के वातावरण में भव्य रूप से संपन्न हुआ। कार्यक्रम में देशभर से पहुंचे संत-महात्माओं, महामंडलेश्वरों, श्रद्धालुओं और गणमान्य अतिथियों ने भाग लेकर आध्यात्मिक ऊर्जा का अनुभव किया।

कार्यक्रम का शुभारंभ वैदिक मंत्रोच्चार एवं हवन-पूजन के साथ हुआ। इसके बाद आयोजित संत सम्मेलन में संतों एवं महामंडलेश्वरों ने धर्म, संस्कृति और सनातन परंपरा के संरक्षण का संदेश दिया। इस दौरान पत्रिका का विमोचन भी किया गया तथा विशाल भंडारे में हजारों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया।

इस अवसर पर म.मं. श्री श्री 1008 स्वामी जयदेवानन्द सरस्वती जी महाराज ने कहा कि सनातन संस्कृति मानवता, सेवा और सद्भाव का संदेश देती है। उन्होंने कहा कि संत समाज सदैव राष्ट्र और धर्म की रक्षा के लिए समाज को जागरूक करने का कार्य करता आया है। उन्होंने श्रद्धालुओं से भारतीय संस्कृति और आध्यात्मिक मूल्यों को जीवन में अपनाने का आह्वान किया।

जगद्गुरु शंकराचार्य एवं आचार्य पीठाधीश्वर महानिर्वाणी अखाड़ा विशोकानंद जी महाराज ने अपने आशीर्वचनों में कहा कि धर्म और अध्यात्म ही मानव जीवन को सही दिशा प्रदान करते हैं। उन्होंने कहा कि आज की पीढ़ी को संस्कारों और आध्यात्मिक चेतना से जोड़ना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है

हरदोई विधायक श्री मानवेंद्र सिंह ने कहा कि संतों का सानिध्य समाज को सकारात्मक ऊर्जा प्रदान करता है। उन्होंने कहा कि हरिद्वार की आध्यात्मिक परंपरा पूरे विश्व में सनातन संस्कृति का गौरव बढ़ा रही है और ऐसे आयोजन समाज में एकता एवं सद्भाव को मजबूत करते हैं।
कार्यक्रम के दौरान आश्रम परिसर “हर हर महादेव” और “जय श्रीराम” के जयघोषों से गूंज उठा। आयोजन में संत समाज, स्थानीय श्रद्धालुओं एवं दूर-दराज से आए भक्तों की भारी भीड़ मौजूद रही।




