कमल शर्मा
महाराजा अग्रसेन का नाम हटाकर चितवन वाटिका रखने पर पूरे अग्रवाल वैश्य समाज में आक्रोश-संदीप गुप्ता नूनीवाला
नारनौल 18 फरवरी अग्रवाल वैश्य समाज जिला महेंद्रगढ़ ने नगर परिषद, नारनौल द्वारा अग्रसेन चितवन वाटिका का नाम बदलकर केवल चितवन वाटिका किए जाने पर गहरा रोष व्यक्त किया है। अग्रवाल वैश्य समाज ने इस निर्णय को सामाजिक एवं सांस्कृतिक दृष्टि से दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए इसे तत्काल प्रभाव से वापस अग्रसेन चितवन वाटिका लिखने की मांग की। इस संबंध में अग्रवाल वैश्य समाज के जिला अध्यक्ष संदीप नूनीवाला के नेतृत्व में जिला उपायुक्त को एक ज्ञापन सौंपा गया, जिसमें प्रमुख रूप से नारनौल विधानसभा के अध्यक्ष राजेश अग्रवाल, जिला महासचिव जगमोहन गर्ग, जिला उपाध्यक्ष तुलसी गोयल, जिला कोषाध्यक्ष सुमित अग्रवाल एवं जिला पदाधिकारी संजय मित्तल, राजकुमार चौधरी एडवोकेट, सुभाष चौधरी, प्रदीप संघी आदि उपस्थित थे।
ज्ञापन की विस्तृत जानकारी देते हुए अग्रवाल वैश्य समाज के जिलाध्यक्ष संदीप नूनीवाला ने कहा कि यह वाटिका वर्ष 1998 में नगर परिषद द्वारा पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस के सामने विकसित की गई थी और इसका नाम अग्रसेन चितवन वाटिका रखा गया था। यह नाम केवल एक पार्क का नाम नहीं, बल्कि समाज की ऐतिहासिक विरासत, सांस्कृतिक पहचान और महाराजा अग्रसेन के आदर्शों का प्रतीक है। उन्होंने बताया कि महाराजा अग्रसेन न केवल अग्रवाल समाज के पूर्वज हैं, बल्कि वे सामाजिक समानता, अहिंसा, भाईचारे और सहयोग की भावना के प्रतीक रहे हैं। उनके द्वारा दिए गए सिद्धांत आज भी समाज के लिए मार्गदर्शक हैं। ऐसे महापुरुष के नाम को सार्वजनिक स्थल से हटाना समाज की भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाला कदम है। उन्होंने यह भी बताया कि वर्ष 2013 में तत्कालीन स्वास्थ्य मंत्री एवं जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में महाराजा अग्रसेन की प्रतिमा की स्थापना इसी वाटिका में की गई थी।
उन्होंने कहा कि यह प्रतिमा आज भी वहां स्थापित है, तथा इस पर लगे शिलालेख पर भी अग्रसेन चितवन वाटिका का नामकरण लिखा हुआ है। जो इस बात का स्पष्ट प्रमाण है कि यह स्थान महाराजा अग्रसेन के सम्मान में ही विकसित किया गया था। ऐसे में नाम से ‘अग्रसेन’ शब्द हटाना अनुचित और तर्कहीन है। उन्होंने कहा कि नगर परिषद के रिकॉर्ड में भी इस पार्क का नाम अग्रसेन चितवन वाटिका दर्ज है। यदि बिना किसी ठोस कारण के नाम लिखा गया है, तो यह प्रशासनिक प्रक्रिया पर भी सवाल खड़े करता है। समाज ने मांग की है कि नगर परिषद इस नाम को पुनः दुरुस्त कर चितवन वाटिका की जगह अग्रसेन चितवन वाटिका लिखा जाए। अग्रवाल वैश्य समाज ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि शीघ्र ही इस विषय पर सकारात्मक कार्रवाई नहीं की गई, तो अग्रवाल वैश्य समाज लोकतांत्रिक एवं शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन करने के लिए बाध्य होगा।
संदीप नूनीवाला ने कहा कि इस संदर्भ में हरियाणा के मुख्यमंत्री व शहरी निकाय मंत्री के संज्ञान में भी मामला लाया जाएगा। उन्होंने उपायुक्त महोदय से आग्रह किया गया है कि इस मामले में हस्तक्षेप कर नगर परिषद को निर्देश दिए जाएं, ताकि अग्रसेन चितवन वाटिका का नाम पुनः लिखा जा सके और समाज की भावनाओं का सम्मान किया जा सके। उपायुक्त महोदय ने अग्रवाल वैश्य समाज के प्रतिनिधि मंडल को आश्वासन दिया कि इस पर उचित कार्रवाई की जाएगी।
