भारत माता मन्दिर के संस्थापक ब्रह्मलीन परम पूज्य गुरुदेव के “समाधि मन्दिर-मूर्ति स्थापना महोत्सव” का प्रथम दिवस भव्यता के साथ सम्पन्न !!
हरिद्वार स्थित सप्तऋषि मैदान में ब्रह्मलीन करुणामूर्ति, भगवद्पादाचार्य परम्परा के दिव्य संवाहक, वैदिक सनातन धर्म-संस्कृति के तेजस्वी प्रवक्ता, भारत माता मन्दिर के संस्थापक, पद्मभूषण से अलंकृत, निवृत्त शंकराचार्य, परम पूज्य श्रीमत्परमहंस परिव्राजकाचार्य, श्रोत्रिय-ब्रह्मनिष्ठ, अनन्तश्रीविभूषित परम गुरुदेव श्री स्वामी सत्यमित्रानन्द गिरि जी महाराज की पुण्य स्मृतियों को चिरस्थायी एवं अक्षुण्ण स्वरूप प्रदान करने हेतु आयोजित त्रिदिवसीय “गुरुदेव समाधि मन्दिर-मूर्ति स्थापना महोत्सव” (04, 05 एवं 06 फरवरी, 2026) का भव्य शुभारम्भ आज भारत गणराज्य के 14वें राष्ट्रपति महामहिम आदरणीय श्री रामनाथ कोविन्द जी के कर-कमलों द्वारा सम्पन्न हुआ।

यह त्रिदिवसीय कार्यक्रम भारत माता मन्दिर-समन्वय सेवा ट्रस्ट एवं भारत माता जनहित ट्रस्ट के अध्यक्ष, श्रीमत्परमहंस परिव्राजकाचार्य, श्रोत्रिय-ब्रह्मनिष्ठ, अनन्तश्रीविभूषित जूनापीठाधीश्वर आचार्यमहामण्डलेश्वर परम पूज्य श्री स्वामी अवधेशानन्द गिरि जी महाराज (“पूज्य आचार्यश्री जी”) के पावन सान्निध्य में आयोजित किया जा रहा है।
कार्यक्रम का शुभारम्भ भारत माता मन्दिर से सप्तऋषि मैदान स्थित आयोजन स्थल तक निकाली गई भव्य शोभायात्रा से हुआ, जिसमें श्रद्धालुओं एवं संत समाज की विशाल उपस्थिति रही।
तत्पश्चात भारत गणराज्य के 14वें राष्ट्रपति महामहिम श्री रामनाथ कोविन्द जी का भारत माता मन्दिर में शुभ आगमन हुआ, जहाँ उन्होंने भारत माता के दर्शन एवं पूजन किए। इसके उपरांत महामहिम जी ने ब्रह्मलीन परम गुरुदेव के समाधि स्थल “राघव कुटीर” में दर्शन-पूजन कर राष्ट्रहित एवं जनकल्याण की कामना की तथा कार्यक्रम स्थल पर पधारकर समारोह को गरिमा प्रदान की।

अपने उद्बोधन में महामहिम श्री रामनाथ कोविन्द जी ने ब्रह्मलीन परम गुरुदेव को राष्ट्र की अमूल्य विभूति बताते हुए कहा कि उन्होंने भारत माता मन्दिर की स्थापना कर राष्ट्र की चेतना, एकता एवं अखण्डता को सुदृढ़ करने का कार्य किया। उन्होंने समाज के वंचित, उपेक्षित एवं शोषित वर्ग तक सेवा और सहायता पहुँचाने का प्रेरणादायी कार्य किया। उन्होंने कहा कि गुरुदेव की मूर्ति स्थापना केवल श्रद्धा का प्रतीक ही नहीं, बल्कि भावी पीढ़ियों के लिए राष्ट्रनिर्माण की प्रेरणा भी है।
इस अवसर पर माननीय मुख्यमंत्री श्री देवेन्द्र फडणवीस जी ने पूज्य गुरुदेव के द्वारा अन्न, अक्षर और विशेषतः स्वस्थ के प्रति किये गए कार्यों की सराहना की तथा इसे समाज एवं राष्ट्र के उत्थान में विशेष सहयोग बताया।
आज के कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में महामहिम भारत गणराज्य के 14वें राष्ट्रपति श्री रामनाथ कोविन्द जी, पंजाब के महामहिम राज्यपाल श्री गुलाबचन्द कटारिया जी, महाराष्ट्र के माननीय मुख्यमंत्री श्री देवेन्द्र फडणवीस जी, मध्यप्रदेश सरकार के उपमुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल जी की विशिष्ट उपस्थिति रही।
इस अवसर पर “पूज्य आचार्यश्री जी” ने महामहिम श्री रामनाथ कोविन्द जी सहित कार्यक्रम में पधारे सभी विशिष्ट अतिथियों एवं संत-महात्माओं का हार्दिक आभार व्यक्त किया तथा उन्हें शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया।
कार्यक्रम में आदरणीया श्रीमती सविता कोविन्द जी, सुश्री स्वाति कोविन्द जी, श्रीमती अनिता कटारिया जी, श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र न्यास के कोषाध्यक्ष परम पूज्य श्री स्वामी गोविन्ददेव गिरि जी महाराज, जगद्गुरु आश्रम कनखल हरिद्वार के परमाध्यक्ष परम पूज्य जगद्गुरु श्री स्वामी राजराजेश्वरानन्द जी महाराज, हरिद्वार के विधायक आदरणीय श्री मदन कौशिक जी, आपदा प्रबंधन सलाहकार समिति के उपाध्यक्ष आदरणीय श्री विनय रोहिला जी, रुड़की के विधायक आदरणीय श्री प्रदीप बत्रा जी, महामण्डलेश्वर पूज्य स्वामी अखिलेश्वरानन्द गिरि जी महाराज, महामण्डलेश्वर पूज्य श्री स्वामी हरिचेतनानन्द जी महाराज, जूना अखाड़ा के महामंत्री पूज्य स्वामी श्री महेश पुरी जी महाराज, महामण्डलेश्वर पूज्य श्री स्वामी ललितानन्द गिरि जी महाराज, पूज्य श्रीमहंत देवानन्द जी महाराज, महामण्डलेश्वर पूजनीया स्वामी नैसर्गिका गिरि जी, भारत माता मन्दिर-समन्वय सेवा ट्रस्ट के सचिव श्री आई.डी. शास्त्री जी, संस्था के वरिष्ठ न्यासीगण सहित सन्त समाज, शासन-प्रशासन के अधिकारीगण एवं हजारों की संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।
