कमल शर्मा (हरिहर समाचार)
गुरुकुल कांगड़ी (समविश्वविद्यालय), हरिद्वार में देवभूमि विचार मंच के तत्वावधान में श्रद्धानंद शुद्धि शोध संस्थान की स्थापना के उद्देश्य से एक विचार-मंथन सत्र का आयोजन किया गया। इस सत्र में डॉ. रवि शरण जी, डॉ. सत्येन्द्र राजपूत एवं श्रीमती डॉ मनु शिवपुरी ब्रांड एंबेसडर ( बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ (ने संस्थान की संकल्पना, शोध-दृष्टि तथा सामाजिक प्रासंगिकता पर अपने महत्वपूर्ण विचार प्रस्तुत किए।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि श्री भगवती प्रसाद राघव जी ने अपने प्रेरक उद्बोधन में संस्थान की स्थापना हेतु एक स्पष्ट समय-सीमा (टाइमलाइन) एवं कार्य-योजना प्रस्तुत की। उन्होंने आर्य समाज, शुद्धि आंदोलन तथा भारत के स्वतंत्रता संग्राम में इनके ऐतिहासिक योगदान पर प्रकाश डालते हुए, स्वामी श्रद्धानंद जी के विचारों को अनुसंधान, सामाजिक सुधार एवं राष्ट्रसेवा के माध्यम से आगे बढ़ाने का प्रेरणादायी आह्वान किया।
इस अवसर पर श्री भगवती प्रसाद राघव जी द्वारा प्लास्टिक एवं मंदिरों से फूलों का सही रूप से निस्तारण हेतु भी कार्य किया जाना मार्गदर्शित किया गया ।इसी विषय पर डॉ मनु शिवपुरी ने कहा कि शहर ,मंदिर एवं मां गंगा की स्वच्छता के परिपेक्ष में उन्होंने एक अपनी आवाज में ऑल इंडिया रेडियो में एक मैसेज भी रिकॉर्ड कराया है। जिस को गंगा घाटों पर चलाया जाना चाहिए। जिस पर उन्हें निवेदन किया गया है कि लोग अपने वस्त्र गंगा जी में ना छोड़े बल्कि उन्हें उठाकर पास के डस्टबिन में डालने की कृपा करें ताकि उन्हें रीसाइकलिंग तक पहुंचा जा सके इस विषय पर कार्य किए जाने की बहुत अधिक आवश्यकता है ।और एडवोकेट अर्क शर्मा ने भी कहा कि मंदिरों से निकल जाने वाला वेस्ट एवं सिंथेटिक वेस्ट एवं फूलों का निस्तारण करना बहुत बड़ा टास्क बना हुआ है। जिस पर की हमें एक नियंत्रित निश्चित प्लान बनाने की बहुत आवश्यकता है अगर सरकार सहयोग करें तो वह स्वयं भी इस और कार्य करने के इच्छुक हैं। प्रोफेसर सत्येंद्र कुमार ने कहा कि श्रद्धानंद शुद्धि केंद्र के रूप में एक विभाग सुनिश्चित किया जाना प्रस्तावित किया इसके अंतर्गत तमाम विकास के कार्य एवं सुझाव रखे जाएंगे और जिन पर कार्य किया जाएगा मीटिंग में 25 लोगों ने प्रतिबद्धता जताई ।
