कमल शर्मा (हरिहर समाचार)
प्रमुख अभियंता सिंचाई विभाग उत्तराखंड सुभाष चंद्र द्वारा बताया गया की नहरबंदी के कारण अर्ध कुंभ में जो घाट बने हैं उनका निर्माण कराया जा रहा है उत्तर प्रदेश सिंचाई विभाग से एनओसी का जिक्र करते हुए उन्होंने बताया की एनओसी के लिए उत्तर प्रदेश सिंचाई विभाग के संपर्क में हैं नवनिर्मित घाटों पर जो निर्माण चल रहा है उसे पर्यावरण प्रदूषण हो रहा है बहुतायत संख्या में आसपास पेड़ काटे जा रहे हैं और नए घाट बनाए जा रहे हैं यह कैसे पर्यावरण को बचाया जाएगा यह भी एक विषय निकलकर आ रहा है अब देखना होगा कि इसमें सिंचाई विभाग पर्यावरण को कैसे बचाया जा रहा है l

लोगों का कहना है कि बाहर के ठेकेदारों को यह काम दिया जा रहा रहै कावट पट्ररी पर घूमने के लिए काफी संख्या में लोग आते है और यदि पेड़ नहीं होंगे तो पर्यावरण कैसे शुद्ध होगा और आने वाले समय में हरिद्वार भी कुछ अधिकारियों की वजह से प्रदूषित शहर हो जाएगा यह कहना है कावड़ पटरी पर घूमते लोगों का कुछ लोगों का आरोप है कि अधिशासी अभियंता उत्तराखंड सिंचाई विभाग के द्वारा अपने परिचित और बाहर के ठेकेदारों को यह काम दिया जा रहा है l
उत्तर प्रदेश सिंचाई विभाग से भी कोई स्वीकृति नहीं दी गई है उसका भी विरोध लगातार जारी है बड़ी मशीनों से जो खदान किया जा रहा है उसे पर्यावरण के साथ-साथ प्रकृति के साथ भी छेड़छाड़ महसूस हो रही है हरिद्वार में काफी संख्या में घाट बने हुए हैं जिन पर सफाई तक नहीं हो पाती है यह विषय भी एक गंभीर है हरिद्वार के लोगों का कहना है की गंगा घाट के नाम पर अधिकारी अपनी जेब भरते हैं और बाद में इन घाटों पर सफाई के नाम पर कमाई करते हैंl
रिपोर्ट_कुलदीप शर्मा
