कांगड़ी स्थित लोहा लंगडी आश्रम में परम पूज्य साकेतवासी महामंडलेश्वर 1008 गोकुल दास जी महाराज की पाचमी पावन पुण्यतिथि संत महापुरुषों की गरिमा मय उपस्थित के बीच बड़े ही धूमधाम हर्षोल्लास के साथ मनायी गयी इस अवसर पर अपने श्री मुख से उद्गार व्यक्त करते हुए श्री महंत प्रकाश दास जी महाराज ने कहा परम पूज्य गुरुदेव इस पृथ्वी लोक पर ज्ञान का एक विशाल सूर्य उनके ज्ञान का प्रताप आज भी उनके तपो स्थलों में तथा भक्तजनों के बीच सुख शांति एवम समृद्धि के रूप में फली भूत हो रहा है गुरु बिना ज्ञान नहीं गुरु बिना कल्याण नहीं और गुरु बिना मुक्ति नहीं सतगुरु तारण हार है सतगुरु ही मेरे राम सतगुरु पावन धार है सतगुरु चारों धाम सतगुरु की महिमा इस संसार में बड़ी ही अपरंपार है जो गुरु की शरणागत हुए उनका लोक एवम परलोक दोनों सुधर गये इस पृथ्वी लोक पर दो प्रकार की गंगा बहती है एक तो माँ भागीरथी है जिनमें स्नान करने मात्र से मनुष्य का तन मन पावन हो जाता है और वह पाप मुक्त हो जाता है दूसरी गंगा संत महापुरुषों के श्री मुख से ज्ञान के रूप में बहती जिसने गुरुदेव के श्री मुख से बहने वाली ज्ञान की गंगा में गोते लगाये उसका मानव जीवन धन्य तथा सार्थक हो गया इस अवसर पर बोलते हुए श्री स्वामी सरयू दास महाराज ने कहा सतगुरु के पावन वचन हमारे मानव जीवन को सार्थक कर देते इस अवसर पर श्री महंत रघुवीर दास श्री महंत दुर्गादास महाराज महाराज श्री महंत प्रहलाद दास महाराज श्री महंत हरिदास महाराज महंत मस्त गिरी महाराज स्वामी सरयू दास महाराज साध्वी महंत रंजन दास महाराज महंत प्रकाश दास महाराज महंत जयरामदास महाराज महंत बिहारी दास महाराज महंत सीताराम दास महाराज सहित भारी संख्या में संत महापुरुष तथा भक्तगण उपस्थित थे आयोजित भंडारे में सभी ने भोजन प्रसाद ग्रहण किया
गुरु बिना ज्ञान नहीं गुरु बिना कल्याण नहीं और गुरु बिना मुक्ति नहीं:श्री महंत प्रकाश दास महाराज
