**** “मातृ सदन में सत्याग्रह का 12वाँ दिवस” ****
• न्यायपालिका को भीतर से खोखला करने वाली प्रवृत्तियों के विरुद्ध यह सत्याग्रह समर्पित है।
• ऐसे व्यक्तियों के विरुद्ध यह प्रतिरोध है जिनका पद एवं अधिकार योग्यता और निष्पक्षता का परिणाम न होकर व्यवस्थागत अनुकूलताओं का उप-उत्पाद है;
• जो न्याय की सेवा के लिए नियुक्त होकर भी न्याय के मूल उद्देश्यों से पूर्णतः विमुख होकर उद्देश्यमूलक एवं पक्षपातपूर्ण आचरण कर रहे हैं;
• जिनकी कार्यप्रणाली में द्वैत, द्वेष एवं विभाजन की असंगति स्पष्ट परिलक्षित होती है।
वर्तमान जिला एवं सत्र न्यायाधीश, हरिद्वार श्री नरेंद्र दत्त द्वारा कर्तव्यच्युत होकर, अपने पद की गरिमा के विपरीत जाकर किए जा रहे अपमानजनक, न्यायालय की मर्यादाओं का ह्रास करने वाले एवं अमानवीय कृत्यों के विरोध में ब्रह्मचारी आत्मबोधनन्द का सतत अनशन जारी है।
