शुगर मिल के श्रमिकों की 20 सूत्रीय मांगों को लेकर श्रम विभाग से गुहार, वेतनमान महंगाई भत्ता और बोनस समेत कई मुद्दों पर उठाई आवाज, उप श्रम आयुक्त को सौंपा प्रत्यावेदन


हरिद्वार/रुड़की। उत्तम शुगर मिल्स लिमिटेड, लिब्बरहेड़ी में कार्यरत श्रमिकों की विभिन्न समस्याओं और लंबित मांगों को लेकर चीनी मिल मजदूर यूनियन (रजिस्टर्ड), संबद्ध सीटू (CITU) ने श्रम विभाग का दरवाजा खटखटाया है। यूनियन ने 17 अक्टूबर 2026 को उप श्रम आयुक्त, रोशनाबाद, हरिद्वार को प्रत्यावेदन सौंपकर श्रमिकों की समस्याओं के समाधान के लिए मिल प्रबंधन को आवश्यक निर्देश देने की मांग की है।
यूनियन की ओर से दिए गए प्रत्यावेदन में कहा गया है कि श्रमिकों की मांगों को लेकर 28 सितंबर 2026 को मिल प्रबंधन को मांगपत्र दिया गया था, लेकिन यूनियन के अनुसार प्रबंधन की ओर से कोई सकारात्मक कार्रवाई नहीं की गई। इसके बाद यूनियन ने श्रम विभाग से मामले में हस्तक्षेप कर न्यायसंगत कार्रवाई करने की अपेक्षा जताई है।


वेतनमान, महंगाई भत्ता और बोनस प्रमुख मांगें
यूनियन ने शासन द्वारा वर्ष 2016 में निर्धारित वेतनमान लागू करने, लिपिकीय कार्य करने वाले कर्मचारियों को शुगर वेज बोर्ड के नियमों के अनुसार वेतन देने तथा महंगाई भत्ते में की जा रही कटौती वापस लेने की मांग उठाई है। साथ ही, पूर्व में की गई कटौती की धनराशि का एरियर भुगतान कराने और वेज बोर्ड के नियमों के अनुरूप एचआरए उपलब्ध कराने की मांग भी की गई है।
प्रत्यावेदन में 21 हजार रुपये की सीमा समाप्त कर सभी पात्र कर्मचारियों को एक्स-ग्रेशिया एवं प्रोडक्शन बोनस दिलाने, वेज बोर्ड के अतिरिक्त कार्यरत कर्मचारियों को नियमानुसार न्यूनतम वेतन देने तथा तीन वर्ष की सेवा पूरी होने पर वेज बोर्ड के अनुसार अतिरिक्त ग्रेड पे देने की मांग शामिल है।
मेडिकल सुविधा से लेकर सुरक्षा उपकरणों तक की मांग
श्रमिकों के स्वास्थ्य और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यूनियन ने सभी श्रेणियों के कर्मचारियों के लिए मेडिक्लेम पॉलिसी लागू करने की मांग की है, ताकि कर्मचारियों और उनके परिवारों को चिकित्सा सुविधा मिल सके। इसके अतिरिक्त ओवरटाइम का नियमानुसार भुगतान सुनिश्चित करने, सभी कर्मचारियों को आवश्यक सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराने तथा कारखाने में कार्यरत संविदा श्रमिकों को उनके पद के अनुरूप वेतन देने की मांग की गई है।
यूनियन ने कारखाने में भोजन कक्ष, विश्राम कक्ष, शौचालय और मूत्रालय की समुचित व्यवस्था करने के साथ ही श्रमिकों की संख्या के अनुसार मेडिकल ऑफिसर एवं एंबुलेंस की सुविधा उपलब्ध कराने और वेलफेयर ऑफिसर की नियुक्ति करने का भी अनुरोध किया है।
स्थायी रोजगार और मृतक आश्रितों को नौकरी देने की मांग
यूनियन ने कहा है कि मिल में कुछ सीजनल कर्मचारियों से पिछले कई वर्षों से ऑफ सीजन में भी काम लिया जा रहा है। ऐसे कर्मचारियों की आवश्यकता को देखते हुए उन्हें बारह-मासी यानी स्थायी कामगार बनाए जाने की मांग की गई है। इसके साथ ही मृतक कर्मचारियों के आश्रित परिवारों को नियमानुसार रोजगार उपलब्ध कराने और कारखाने में कार्यरत सभी श्रेणियों के कर्मचारियों की सूची उपलब्ध कराने की मांग भी रखी गई है।
यूनियन कार्यालय और अन्य सुविधाओं पर भी जोर
प्रत्यावेदन में मिल परिसर अथवा उसके समीप यूनियन कार्यालय आवंटित करने की मांग की गई है, ताकि श्रमिकों की रोजमर्रा की समस्याओं पर प्रबंधन के साथ बातचीत कर उनका समाधान किया जा सके और अनावश्यक विवादों से बचा जा सके।
इसके अलावा कांवड़ यात्रा के दौरान घोषित अवकाशों के संबंध में पूर्व वार्ता के माध्यम से समाधान निकालने तथा केन कैरियर पर टीन शेड डलवाने की मांग भी उठाई गई है।
श्रम विभाग से हस्तक्षेप की अपील
चीनी मिल मजदूर यूनियन के मंत्री महेंद्र जखमोला सहित अन्य पदाधिकारियों एवं श्रमिकों ने उप श्रम आयुक्त से सभी मांगों का संज्ञान लेकर नियमानुसार कार्रवाई करने और मिल प्रबंधन को आवश्यक निर्देश देने का अनुरोध किया है।
यूनियन का कहना है कि श्रमिकों की समस्याओं का समयबद्ध समाधान होने से कर्मचारियों को राहत मिलेगी और प्रबंधन एवं श्रमिकों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित हो सकेगा। अब इस मामले में श्रम विभाग और मिल प्रबंधन की ओर से की जाने वाली कार्रवाई पर श्रमिकों की नजरें टिकी हैं।
मुख्य मांगें: निर्धारित वेतनमान लागू करना, महंगाई भत्ते की कटौती वापस लेना, बोनस एवं एचआरए का भुगतान, चिकित्सा व सुरक्षा सुविधाएं, स्थायी रोजगार, अतिरिक्त ग्रेड पे, ओवरटाइम का भुगतान और मृतक आश्रितों को नियमानुसार रोजगार उपलब्ध कराना l

इस अवसर पर महेन्द्र सिंह जखमोला, रजनीश कुमार, इमरत सिंह, पी. डी. बलूनी, भूपेन्द्र भार, दीपक त्यागी, सुनील कुमार, संदीप कुमार लोहान, संदीप कुमार कासी, संदीप कसाना सुसाड़ी, प्रदीप कुमार, विषिन रणमलपुर, सुशील रणमलपुर, अजित खेड़ा जह, रक्डि कुमार, संजय सिंह मिशपुर, राभ कुमार, योगेन्द्र सिंह, उपेन्द्र सिंह (बिदर), राजीव त्यागी, अमित नूर नगर, इसम सिंह, विपिन सुनहरी, खालिद, सुनील ठेकेदार, सनेक कपासी, मोहन सिर भदौली, अमित सिर, तेहेड़ सिंह, बजवीर बालिस्टर, रामवीर सिंह, बदल सिंह, विनित गंगदासपुर, शकेभ मोहन, सचिन गंगदासपुर, कुलदीप कुमार, शिवकुमार, प्रविन्द्र कुमार, ओमपाल, ज्ञान सिंह, सुरेख कुमार, सोनू त्यागी, राजीव सैनी, विकास कुमार, अवनीश कुमार, रकम सिंह, विश्वास, अनिल कुमार और महेश त्यागी।



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