हरिद्वार (कमल शर्मा)। कनखल के जगजीतपुर स्थित श्री गंगाधाम आश्रम में सान्दीपनी वेदविद्या कुलम् (पंजी.) के तत्वावधान में यज्ञशाला भवन के शिलान्यास एवं पूजन कार्यक्रम का आयोजन श्रद्धा, वैदिक परंपरा और उत्साह के साथ संपन्न हुआ। कार्यक्रम में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच शिला पूजन किया गया।

यज्ञशाला भवन का निर्माण एमडीएच के निदेशक श्री राजीव गुलाटी जी द्वारा प्रदत्त सात्विक दान से किया गया l कार्यक्रम पूज्य श्री महंत गंगादास जी महाराज के संरक्षण तथा आचार्य स्वामी डॉ. संदीप वेदालंकार जी के पावन सान्निध्य में आयोजित हुआ। मुख्य अतिथि के रूप में आर्य श्री जितेंद्र भाटिया जी उपस्थित रहे, जबकि शिलान्यास एवं पूजन की प्रक्रिया महाशय धर्मपाल चैरिटेबल ट्रस्ट के प्रतिनिधि श्री जितेंद्र भाटिया जी के करकमलों द्वारा संपन्न हुई।

वैदिक संस्कृति के संरक्षण और संवर्धन का संकल्प
इस अवसर पर आचार्य स्वामी डॉ. संदीप वेदालंकार जी ने कहा कि यज्ञ भारतीय वैदिक संस्कृति का महत्वपूर्ण आधार है। यज्ञशाला भवन का निर्माण वैदिक शिक्षा, संस्कारों और आध्यात्मिक चेतना को आगे बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। ऐसे धार्मिक एवं शैक्षणिक प्रयासों से नई पीढ़ी को भारतीय संस्कृति और वैदिक परंपराओं से जुड़ने का अवसर मिलेगा।

मुख्य अतिथि आर्य श्री जितेंद्र भाटिया जी ने कहा कि वैदिक शिक्षा और यज्ञ परंपरा का संरक्षण समाज के लिए महत्वपूर्ण है। यज्ञशाला भवन के निर्माण से धार्मिक गतिविधियों और वैदिक संस्कारों को प्रोत्साहन मिलेगा। उन्होंने इस पुनीत कार्य में सहयोग देने वाले सभी दानदाताओं एवं आयोजकों के प्रयासों की सराहना की।

प्रधान आर्य श्री हरपाल सिंह सैनी ने कहा कि आर्य समाज सदैव वैदिक संस्कृति, शिक्षा और सामाजिक जागरूकता के प्रसार के लिए कार्य करता रहा है। यज्ञशाला भवन का निर्माण इसी परंपरा को आगे बढ़ाने वाला प्रयास है। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन समाज में सद्भाव, सेवा और संस्कारों की भावना को मजबूत करते हैं।

कार्यक्रम के दौरान यज्ञशाला भवन के शिलान्यास को लेकर श्रद्धालुओं में उत्साह दिखाई दिया। वैदिक मंत्रोच्चार एवं शिला पूजन के साथ धार्मिक अनुष्ठान संपन्न हुए। इसके उपरांत सभी उपस्थित लोगों ने भोजन प्रसाद ग्रहण किया।













